जुदाई के वास्ते एक कतरा भी बहुत है दीदार के वास्ते एक लमहा भी बहुत है
जिस पर होता है बरसो दिल को ऐतबार
वो भूल जाए ऐ सदमा भी बहुत है
आई लव यू
एक कही स्थान अगर हो, आते लाखो अर्जी ।
लेकिन वही है चुना जाता , जो होता उसमे फर्जी ॥
सोच रहा हूँ कैसे चलेगी घर की रोटी दाल ।
चिंता में नौकरी के झड़ गए सिर के सारे बाल ॥
अब महसूस हुआ बेकाम की , अपनी रही पढ़ाई ।
जिसके चलते टूट गयी , अपनी हुई सगाई ॥
दुल्हन ने कहा बेरोजगार से शादी नही है करनी ।
padke तेरे चक्कर में ,मुझको नही है मरनी ॥
न जाने कब खत्म होगी ये , नौकरी की मारा मारी ।
मौला मेरे लिफ्ट कराके , लादे मेरी बारी ॥
अगर किसी के पास हो देके , रोके मेरी बर्बादी ।
वरना कवारा मर जाऊँगा , होगी कभी न शादी ॥