Tuesday, March 11, 2008

नौकरी

चार साल से भटक रहा हूँ करके एम ए पास ।
मिली न नौकरी आज तक कितना किया तलाश ॥

एक कही स्थान अगर हो, आते लाखो अर्जी ।

लेकिन वही है चुना जाता , जो होता उसमे फर्जी ॥

सोच रहा हूँ कैसे चलेगी घर की रोटी दाल ।

चिंता में नौकरी के झड़ गए सिर के सारे बाल ॥

अब महसूस हुआ बेकाम की , अपनी रही पढ़ाई ।

जिसके चलते टूट गयी , अपनी हुई सगाई ॥

दुल्हन ने कहा बेरोजगार से शादी नही है करनी ।

padke तेरे चक्कर में ,मुझको नही है मरनी ॥

न जाने कब खत्म होगी ये , नौकरी की मारा मारी ।

मौला मेरे लिफ्ट कराके , लादे मेरी बारी ॥

अगर किसी के पास हो देके , रोके मेरी बर्बादी ।

वरना कवारा मर जाऊँगा , होगी कभी न शादी ॥

Sunday, March 9, 2008

विद्यार्थी -परिचय
पढ़ना और पढाना अब नही इनके बस की बात ।
इनका सारा वक्त गुजरता गर्ल फ्रेंड के साथ ॥
नए -नए से शौक है इनके , उल्टे सीधे खर्चे ।
ये है आज के विद्यार्थी का सीधा सदा परिचय ॥
शिक्षा से नही दूर -दूर तक , इनका कोई नाता ।
ज्ञान की बात तनिक भी इनके ,समझ में नही आता ॥
कापी और किताबो से ये रहते कोसो दूर ।
घूमना फिरना शौक है इनके ,मौज करे भरपूर ॥
एक भी प्रश्न का आता जाता ,इनको नही जवाब ।
जैसे तैसे पास परीक्षा , करना इनका ख्वाब ॥
एक ही क्लास में,कई साल तक ,खाते रहते गोते ।
विद्यार्थी का अर्थ जो ,मृत विद्या का अर्थी ढोते॥
ज्ञान से दूर सदा ये रहते ,फिल्मी धून में मस्त।
फ़िर भी कहते पढ़ते -पढ़ते ,हो गई तबियत पस्त ॥
ख्वाबो की दुनिया में रहते है , छोड़ के मौलिकता को ।
आधुनिकता की करे दुहाई , मूल के नैतिकता को ॥
नो टेंसन मैं हू ना , ये है इनके बोल ।
करते धरते कुछ नही , बाधे तगड़ी पोल ॥
क्या कर सकते है ,या क्या करने के काबिल ।
कभी समझ में नही है आया ,कहा है इनकी मंजिल ॥
काटते रहते रात दिन बस , गलियों के ही चक्कर ।
पढ़ते और पढाते ये बस , प्रेम के ढाई अक्षर ॥

Monday, March 3, 2008

Love

In the Arithmetic of Love one plus 0ne equal everything and two minus one equal nothing

Sunday, March 2, 2008

Thought

Nothing is good or bad but thinking makes it so.___W. Shekespeare

Life

Always aim for the moon and if you miss it don't worry you will fall among the star.